Archive for એપ્રિલ, 2018

‘अर्ज़ है .. एक ग़… unnn..; sorry – दर्ज़ है.. एक शेरे हज़ल|..’

Posted in Gujarati on એપ્રિલ 15, 2018 by ruchir

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ग़ज़ल हैरां रह गयी, ग़ालिब सी जो लिक्खी गयी…

ग़ज़ल हैरां रह गयी, ग़ालिब सी जो लिक्खी गयी..
 “बद्तर है, ना-होने से भी होना-ए-‘ना-होना-असल’ “|.. 😉

 

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